शनिवार, 1 मार्च 2014

यह चिट्ठा क्यों

सभी शिक्षक साथियों को सादर नमन,

इस चिटठे की आवश्यकता के बारे में ज्यादा कुछ कहने की आवश्यकता मैं महसुस नहीं करता फिर भी केवल इतना कहना ही चाहूँगा की संचार क्रांति के इस युग में आज के  अध्यापक को अपने आपको इतना तो संचार माध्यमों से जोडना ही चाहिए की उसकी उपयोगिता विद्यार्थियों में बनी रहे ! परिवर्तन संसार का नियम है वर्तमान युग इसके कारण जिस मक़ाम पर पहुँच गया है उस मक़ाम पर शिक्षक को अपने आप को खड़ा रख पाना तभी संभव होगा जब हम समय के साथ कदम मिलाकर चलेंगे ! शिक्षक साथियों को समय के साथ बनाये रखने के लिए हम यह प्रयास कर रहे है ! आपके सहयोग की अपेक्षा के साथ !

                                                                                                   शुभमस्तु!